फोटोइलेक्ट्रॉन क्या है?

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(N/A) जब किसी स्वच्छ धातु की सतह पर पर्याप्त उच्च आवृत्ति का विकिरण आपतित किया जाता है,तो धातु की सतह से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। इन उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों को फोटोइलेक्ट्रॉन कहा जाता है। इस घटना को प्रकाश-विद्युत प्रभाव (फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव) कहते हैं।

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हर्ट्ज़ के अवलोकन को संक्षेप में समझाइए।

कथन $(A) :-$ धातु की सतह पर आपतित एकवर्णी प्रकाश पुंज द्वारा उत्पन्न फोटोइलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा में प्रसार (spread) होता है।
कारण $(R) :-$ धातु का कार्य फलन (work function) सतह से गहराई के फलन के रूप में बदलता है।

एक निश्चित धातु की फोटोइलेक्ट्रिक थ्रेशोल्ड तरंगदैर्ध्य $3000 \mathring{A}$ है। यदि $2000 \mathring{A}$ का विकिरण धातु पर आपतित होता है,तो:

$\nu$ आवृत्ति वाले प्रकाश (जो देहली आवृत्ति $\nu_0$ से अधिक है) के लिए उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों (photoelectrons) की संख्या किसके समानुपाती होती है?

एक फोटोइलेक्ट्रिक सेल को $d$ दूरी पर रखे प्रकाश के बिंदु स्रोत द्वारा प्रकाशित किया जाता है। यदि दूरी को घटाकर $d/2$ कर दिया जाए,तो प्रति सेकंड उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या होगी:

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